मोहम्मद रफ़ी की पुण्य तिथि पर अजयमेरू प्रेस क्लब की श्रद्धांजलि सभा में प्रस्तुत स्वरचित नज्म

  मोहम्मद रफ़ी साहब  की पुण्य तिथि पर एक श्रद्धॉंजलि  हे रफी, क्या तहरीर करूं तेरी दास्तां लफ्ज़ नहीं मिलते आंसू ही बयां कर जाते हैं मेरी बेकसी का फसाना सुरों के मसीहा, तू ये अंदाजे बयां कहां से लाया हर होठ पे गीत तेरे, पर उन्हें हूबहु कोई न गा पाया आज तेरे गीत […]

जन्म दिन की 66 वीं वर्षगांठ पर रचित

आज मेरी ज़िन्दगी ने दो-दो छक्के एक साथ लगाये हैं कैच होते हुए कई बार बचे, आज बाउंडरी पार पहुँचाये हैं   पत्नी चाहे, जिन्दगी की मेरी लम्बी पारी, मैं नॉट आउट रहूँ खुशियाँ मिले खूब घर के भीतर, न कभी देर तक आउट रहूँ   उसका मतलब फूल बनकर महकूं, खाद पानी की चाह […]

शायरी

  अपनी तमन्ना पूरी की तो क्या की,  किसी की जरूरत बन कर देखो दिल का धड़कना ज़िन्दगी नहीं होती, किसी के दिल में धड़क के देखो   ज़िन्दगी एक दौड़ बन गयी है, यहाँ अपना पराया कोई नहीं गर लड़खड़ा कर गिर गये, तो उठाने वाला पाओगे कोई नहीं -प्रमोद कुमार शर्मा     […]

MY OWN SHERS

आसमां ख़ुद झुक जायेगा  गर आसमां को छूना होते सिर्फ़ हाथ ऊँचे कर लेना आसमां ख़ुद झुक जायेगा, फिर चाहे जो ले लेना – प्रमोद कुमार शर्मा  कैसे शुक्रिया अदा करूँ  कैसे शुक्रिया अदा करूँ, आप गुरुजनों की दरिया दिली का  बूँद की तलाश में आया था, दरिया बहा दिया आप ने ज्ञान का – […]