श्री नौसर माता मंदिर में गौरीश्वर देवालय प्रतिष्ठापन महोत्सव

अजमेर 23 फरवरी, सेवा समाचार।‌ श्री नवशक्ति सृजन सेवा प्रन्यास द्वारा श्री नवदुर्गा नौसर माता मंदिर की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस जयपुर रोड स्थित एक होटल में हुई । जिसमें पीठाधीश रामकृष्णा देव, मणिलाल गर्ग, राजेन्द्र गांधी ने बताया कि मंदिर 1200 वर्ष प्राचीन अरावली पर्वत माला के नागपहाड क्षेत्र में स्थित नवदुर्गा देवी का रमणीय पूर्ण भारत वर्ष में अद्वितीय स्थान है।  पूर्वकाल में बाबा बुद्दकरण जी की तपरया, तदपश्चात् श्री मां ओगाकुमारी जी के कठोर तप एवं भगवती के पति शतत भक्ति भाव प्रताप से श्री मां के ही सानिध-संरक्षण काल में मंदिर विकसित हुआ । श्री आमाकुमारी जी के सानिध्य में ही रहे। अब अपने सतत प्रयास से मंदिर रोया में संलग्न है। श्री नोसर माता मंदिर में शिव परिवार नूतन प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन होने जा रहा है। दिनांक 24 फरवरी गुरुवार 2022 को प्रातः 11 बजे मंगल कलश यात्रा के साथ महोत्सव प्रारम्भ होगा. 51 महिलाओं द्वारा श्री महाराणा प्रताप स्मारक के सामने से कलश यात्रा प्रारम्भ कर श्री नौसर माता मंदिर आयेगी जिसके बाद अनेक प्रकार के मंगल स्त्रोतों का पाठ कर पूजन का कार्यक्रम प्रारम्भ होगा, जिसके अन्तर्गत श्री गौरी प्रभू शिव मंदिर का नाम) का पूजन कर अनेक प्रकार के अनाजों, पुष्पों, द्रव्यों आदि में प्रतिमाओं का वास कराया जायेगा। सभी प्रकार के वास एवं पूजन आदि दिनाक 27 फरवरी 2022 तक सम्पन्न होगे। श्री नासर गाता मंदिर में दिनांक 28 फरवरी 2022 से 01 मार्च 2022 का प्रतिष्ठापन विशेष महोत्सव होगा। जिसके अन्तर्गत दिनांक 28 फरवरी सोमवार को प्रातःकाल 10 बजे श्री गौरीश्वर प्रभु श्री गणपति श्री पार्वती, श्री कार्तिकेय, श्री कुबर एवं नंदी की स्थापना शंख पखावज नाव एवं मंत्रोच्चारण के साथ जिसमें पावन सागिष्य तपोनिष्ठ राष्ट्रीय संत परम पूज्य स्वागी “श्री गोविन्द देव गिरी जी महाराज (कोषाध्यक्ष श्री रामजन्म भूमि तीर्थक्षेत्र न्यास, अयोध्या एवं संस्थापक महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान) एवं पीठाधीश “श्री रामाकृष्णा देव जी श्री नौसर माता मंदिर करकमलों द्वारा प्रतिष्ठा होगी। उसी दिन सांयकाल 6 बजे श्री गौरीश्वर प्रभू की महाआरती श्री पीठाधीश द्वारा होगी। जिसके बाद सिद्धरागिनी संस्था द्वारा आयोजित “शिवनाद संगीत समारोह” प्रस्तुत होगा, जिसमें सर्वप्रथम सितार वादन श्री अंकित नट्ट (जयपुर) द्वारा किया जायेगा, जो कि पं. चन्द्रमोहन भट्ट एवं शिवमोहन गट्ट के शिष्य हैंआप जयपुर से सितार वादन में पी.एच.डी. धारक हैं. इसके अलावा आपने ताज महोत्सव आगरा, हरिवल्लम संगीत समारोह जलंधर, संगीत नाटक अकादमी समारोह पुणे और फ्रांस के अनेक शहर में अपनी मधुर सितार वादन प्रस्तुति क साथ बॉलीवुड में भी अपना संगीत दे चुके हैं। श्री अंकित भट्ट के साथ तबला सहवादन श्री मनप्रीत सिंह जी करेगें माप बाल्यकाल से ही तबला सीख रहे हैं। गनप्रीत जी, श्री अभिजीत कुमार जी मजुमदार के शिष्य है। आपने अनेक देश-विदेश में अपनी प्रस्तुति दी है आप ऑल इण्डिया रेडियो के ग्रेडेड ऑटिस्ट है। अगली प्रस्तुति श्री ईशान परजपे एवं प्रथमेश तरालकर की राडला पखावज जुगलबंदी रहेगी। श्री ईशान परजपे नागपुर से है एवं 8 वर्ष की अवस्था से ही श्री भास्कर वशीकर जी के सानिध्य में तबला वादन सी हैं | आप सवाई गन्धर्व फेस्टिवल मुम्बई सिद्धी विनायक महोत्सव मुम्बई, अनेक भारतीय महोत्सवों के अलावा बीटहोवन फेस्टिवल जर्मनी और आप विख्यात संगीतज्ञ श्री सत्यजीत तलवलकर एवं श्री राकेश चौरसिया जी के साथ भी अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं एवं अनेक सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। श्री प्रथमेश तरलकर (नासिक) परवावज वादन बाल्यकाल से ही सर्वप्रथम अपने पिता से सीखते हुए श्री परशुराम गौरव के सानिध्य में सीखें हैं। आपने अनेक सम्मान प्राप्त कर विख्यात शास्त्रीय संगीत गायक पं. जयतीर्थ गेनुवंडी जी पं. आनन्द गाटे जी. पं. उत्तारा कसालकर जी के साथ अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। हारमोनियम पर नगगा श्री अभिषेक शिन्हकर (पुणे) द्वारा प्रस्तुत होगा, आप संगीतज्ञ परिवार से होने के साथ आप प नाथुराव निरालकर के सानिध्य में आपने हारमोनियम वादन सीखा है। आप अनेक पुरस्कार प्राप्त कर बुक है एवं पं. उल्लास कसालकर जी. पं. विजय चाटे, पं. योगेश शमशी जी में विकटेश कुमार जी, पं. राहुल देशपाण्डे जी के साथ अपनी प्रस्तुति दे चुके है एवं भारत के प्रमुख संगीत सम्मेलनों में हिस्सा ले चुके हैं। गायन सुश्री हंसिका पारीक द्वारा किया जायेगा। आप बाल्यकाल से आनन्द वैद्य जी से ही गायन शिक्षा प्राप्त कर रही है आपकी विशारद पूर्ण हो चुकी है एवं अनेक बॉलीवड एल्बमों में कार्य कर चुकी है। आप सबकी प्रस्तुतिकरण के बाद शिव आरती कर कार्यक्रम समापन होगा। मंगलवार 01 मार्च 2022 को महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर प्रातःकाल एकादस ब्राह्मणों द्वारा सहस्त्रधारा की जायेगी। जिसके पश्चात् गोरीश्वर प्रभू का श्रृंगार किया जायेगा सांयकाल 4 बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा जिसमें दीपक न्युजिकल ग्रुप द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी एवं मंदिर के भक्तों के लिए भण्डारे का आयोजन किया जायेगा। रात्रि आरती बाद कार्यक्रम का समापन होगा।