चायनीज उत्पाद स्वास्थ्य के लिए हानिकारक – सैनी

तिब्बत सहयोग मंच ने आर.एन.टी. सि. सै. विधालय मे किया कार्य क्रम

कुचामनसिटी। रविन्द्रनाथ टेगौर सिनीयर सैकण्डरी विधालय पाँचवाँ रोड़ कुचामन मे *नो चायनीज उत्पाद – नो सिंगल यूज प्लास्टिक* कार्य-क्रम के मुख्य अतिथि नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष लायन श्याम सुंदर मंत्री, समारोह की अध्यक्षता भारत तिब्बत सहयोग मंच के जिलाध्यक्ष लायन श्याम सुंदर सैनी, विशिष्ट अतिथि मंच के कार्य कर्ता श्री मनीष मोर, विधालय के निदेशक श्री जगदीश जी कड़वा, विद्यालय के प्राचार्य(हिंदी माध्यम) श्री रामेश्वर जी चौधरी, प्राचार्य श्री मनोज जी पारीक(अँग्रेजी माध्यम) आदि मंचस्थ थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री ने अपने उदबोधन मे विधार्थियों को भारतीय संस्कृति के बारे मे जानकारी देते हुए घर पर प्रातःकाल उठते ही माता-पिता को एवं विधालय मे गुरू जनो को प्रणाम् करने हेतू प्रेरित करने के साथ ही दिपावली पर चाईनीज़ फटाके , लाइटिंग, डेकोरेशन आदि का बहिष्कार करने बाबत कहा। अध्यक्षीय उदबोधन मे सैनी ने बताया कि चीन ने तिब्बत व कैलाश मानसरोवर पर अवैध कब्जा कर रखा है और पाकिस्तान के साथ मिलकर आतंकवादी गतिविधियों को बढावा देता है। चायनीज सामान का सबसे बडा उपयोग कर्ता भारत हैं, चीन हमारे देश से ही कमाई करता हैं और इस कमाई का उपयोग हमारे ही देश के राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में करता है। अतः हमें चायनीज सामान का पूणतः बहिष्कार करना चाहिए, विशेष रूप से आगामी दिपावली पर दिपक तो मिट्टी के बने हुए ही जलाना है। इससे साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक आयटम जैसे:- पालीथीन बैग्स, कप्स, प्लेट्स, बाटल्स व विशेष प्रकार के पाऊच आदि जो एक बार उपयोग कर के फेंक दिये जाते है, ऐसी सामग्री पर पूर्णतया रोक लगाये जाने के लिए सरकार ने *प्लास्टिक-ना-बाबा-ना* अभियान का शुभारंभ गांधी जयंती 2 अक्टूबर से किया है, इसी क्रम में भारत तिब्बत सहयोग मंच भी चाईनीज सामान के बहिष्कार के साथ ही *नो चाईनीज उत्पाद-नो सिंगल यूज प्लास्टिक* हेतु जनजागरण अभियान चला रहा है। सैनी ने कहा कि चायनीज आर्टिफिशियल ज्वैलरी एवं सौंदर्य प्रसाधन की किमत तो कम होती है लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होते है , चर्मरोग इन्हीं सस्ते आईटम्स की देन है। सैनी ने उपस्थित सभी विधार्थियों एंव विधालय स्टाफ को नो चायनीज उत्पाद-नो सिंगल यूज प्लास्टिक का संकल्प करवाया। मंच के कार्य कर्ता मनीष मोर ने उपस्थित सभी के तिब्बत मानसरोवर मुक्ति संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करवाये। विधालय के निदेशक कड़वा, प्रधानाचार्य चौधरी एंव पारीक ने भारत तिब्बत सहयोग मंच के अभियान का समर्थन करते हुए चीन की विस्तार वादी एवं दोहरी नीति की कडे़ शब्दों मे निन्दा की एवं उपस्थित सभी से चायनीज उत्पादन का पूणतः बहिष्कार करने की अपील की। मंच संचालन अध्यापक बृजमोहन योगी ने किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा देश भक्ति एवं भारत माता के जयकारों एवं राष्ट्र गान के साथ ही कार्य क्रम सम्पन्न हुआ।