दसलक्षण पर्व पर नेम राजुल नाटिका का मंचन


अजमेर।दस लक्षण महापर्व के अवसर पर दिगम्बर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग अजमेर की जाटियावास इकाई द्वारा आज सोनी जी की नसियां मे नेम राजुल के नाटक का मंचन किया गया जिसमे बताया गया कि पशुओं की चित्तकार सुनते ही नेमीनाथ भगवान् को वैराग्य हो गया और उन्होंने मुनि दीक्षा ले ली। गिरनार पर्वत पर कठिन तपस्या करते हुए मोक्ष को प्राप्त हुए । इकाई अध्यक्ष मैना बडजात्या व मंत्री पूजा काला ने बताया कि नाटक मे नेम जी की भूमिका उर्वसी जैन व पूजा काला ने राजुल के पात्र का अभिनय किया नेमजी के पिता निर्मल बोहरा बने ,माता की भूमिका निशा बोहरा व श्री कृष्ण का रोल आशा पाटनी, राजुल के पिता का अभिनय अर्चना बडजात्या माता मोना पाटनी, सारथी पिंकी पाटनी सत्यभामा मैना बडजात्या, रुकमणी का अभिनय प्रेम जैन जामवंती सीमा पटवा राजुल की सखियां आरुषि टीशा ने रोल निभाया इससे पूर्व समीती पदाधिकारीयों द्वारा मंगलाचरण किया गया व बालिकाओं द्वारा बहुत सुंदर सामूहिक भक्ति नृत्य किया गया गोर्वी ने मंगलाचरण किया। सभी प्रतिभागियों को समाज श्रेष्ठी निर्मल कुमार प्रमोद कुमार सोनी की ओर से पारितोषिक दिए गए ।
अंत में युवा संभाग अध्यक्ष मधु पाटनी ने सभी का आभार प्रकट किया।