मानवता ही मानव का पहला धर्म

पीड़ित मानव की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं

किशनगढ़। आज जहां एक तरफ किसी के पास हर तरह की सुख सुविधाएँ है वंही दूसरी तरफ काफी परिवार ऐसे भी हैं जो मूलभूत आवश्यकताओ से भी वंचित हैं। यह विचार है लॉयंस क्लब किशनगढ़ क्लासिक के सचिव नाइन रमाकांत काबरा के।

लायंस क्लब किशनगढ क्लासिक की जानकारी मे जैसे ही इस तरह का वाक्या आया कि राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विधालय: “किशनगढ शहर” मे कई ऐसी भी बालिकाएं है जिनके पास पहनने के लिये स्कूल शूज भी नही है। अविलंब क्लब द्वारा समाजसेवी मालचन्द जी सुराणा के सौजन्य से विधालय मे 46बालिकाओं को स्कूल के जूते व मोजों का वितरण किया गया व जरूरतमंद मेधावी बालिकाओं के लिये फीस,किताबे, आदि के लिये भी हरसंभव मदद के लिये आश्वस्त किया| इस कार्य में समाजसेवी माल चंद सुराणा ,उनके पुत्र व पुत्रवधु रोहित सुराणा व दीपिका सुराणा के साथ ही क्लब के अध्यक्ष मुकेश गोयल सचिव रमाकान्त काबरा, अविनाश पाटनी ,मुकेश जैन ,पदम जैन, आदि सदस्य उपस्थित थे। शाला  प्रधानाचार्य वन्दना वर्मा ने सभी का आभार प्रकट किया |

 

1 thought on “मानवता ही मानव का पहला धर्म

    Dr. Pramod Kumar sharma

    (August 9, 2019 - 11:42 am)

    आपके द्वारा क्लब की सेवा गतिविधियों को अपने समाचार पत्र मे प्रकाशित कर जो सहयोग हमे मिल रहा है, उसके लिये क्लब के सभी सदस्यो की तरफ से आपका सह्रदय धन्यवाद 🙏🏻

    आपकी प्रकाशित न्यूज़ से हमारा मनोबल तो बढता ही है ,साथ ही यह किसी के लिये समाजसेवा की प्रेरणादायी भी बन सकती हैं।
    लॉयन रमाकांत काबरा, सचिव लायंस क्लब किशनगढ़ क्लासिक दिनांक 09/08/2019

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